Subscribe Us

GAZAB KA HAI DIN Hindi LYRICS - Qayamat Se Qayamat Tak

Gazab Ka Hai Din Lyrics of Qayamat Se Qayamat Tak (1988) is penned by Majrooh Sultanpuri, it's composed by Anand and Milind and sung by Alka Yagnik and Udit Narayan.

GAZAB KA HAI DIN LYRICS - Qayamat Se Qayamat Tak
GAZAB KA HAI DIN LYRICS - Qayamat Se Qayamat Tak


Gazab Ka Hai Din Lyrics in Hindi

ग़ज़ब का है दिन, सोचो ज़रा
ये दीवानापन, देखो ज़रा
तुम हो अकेले, हम भी अकेले
मज़ा आ रहा है, क़सम से, क़सम से

ग़ज़ब का है दिन, सोचो ज़रा
ये दीवानापन, देखो ज़रा
तुम हो अकेले, हम भी अकेले
मज़ा आ रहा है, क़सम से, क़सम से

देख लो हमको करीब से
आज हम मिले हैं नसीब से
देख लो हमको करीब से
आज हम मिले हैं नसीब से

ये पल फिर कहाँ
और ये मंज़िल फिर कहाँ
हो ग़ज़ब का है दिन, सोचो ज़रा
ये दीवानापन, देखो ज़रा
तुम हो अकेले, हम भी अकेले
मज़ा आ रहा है, क़सम से, क़सम से

क्या कहूँ, मेरा जो हाल है
रात दिन, तुम्हारा खयाल है
हो.. क्या कहूँ, मेरा जो हाल है
रात दिन, तुम्हारा खयाल है

फिर भी, जान-ए-जां 
मैं कहाँ और तुम कहाँ

हो ग़ज़ब का है दिन, सोचो ज़रा
ये दीवानापन, देखो ज़रा
तुम हो अकेले, हम भी अकेले
मज़ा आ रहा है, क़सम से, क़सम से



Gazab Ka Hai Din Song Detail
Song : Gazab Ka Hai Din
Album : Qayamat Se Qayamat Tak (1988)
Singer : Alka Yagnik, Udit Narayan
Musician : Anand, Milind
Lyricist : Majrooh Sultanpuri

Post a Comment

0 Comments